चंडीगढ़ | हरियाणा युवा कांग्रेस में नया नेतृत्व तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हाल ही में संपन्न हुए युवा कांग्रेस चुनावों में निशित कटारिया, सोमिल संधू और मोहित शर्मा शीर्ष तीन उम्मीदवार बनकर उभरे हैं। अब इन तीनों को राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष और प्रभारी के समक्ष इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, जिसके बाद इनमें से किसी एक को हरियाणा युवा कांग्रेस का अगला अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा।
इन चुनावों में गुरुग्राम से निशित कटारिया को लगभग 29 हजार वोट मिले, जबकि करनाल से सोमिल संधू को 13 हजार और सिरसा से मोहित शर्मा को करीब 7 हजार वोट प्राप्त हुए। सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन सोमिल संधू का रहा, जिन्होंने बिना किसी बड़े राजनीतिक समर्थन के उल्लेखनीय मत हासिल किए हैं। सोमिल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रघुबीर संधू के पुत्र हैं और उन्होंने घरौंडा जैसे क्षेत्र से कांग्रेस की कमजोर स्थिति के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया।
दूसरी ओर, निशित कटारिया पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया के पुत्र हैं और उन्हें हुड्डा गुट के अधिकांश विधायकों और सांसदों का समर्थन प्राप्त था, हालांकि वह पार्षद का चुनाव पहले हार चुके हैं। मोहित शर्मा सिरसा से ताल्लुक रखते हैं और दिवंगत कांग्रेसी नेता होशियारी लाल शर्मा के पोते हैं।
युवा कांग्रेस के इन चुनावों में गुटबाजी की छाया भी देखने को मिली। हरियाणा कांग्रेस लंबे समय से विभिन्न खेमों — हुड्डा, कुमारी शैलजा, सुरजेवाला, अशोक तंवर और बीरेंद्र सिंह — में बंटी रही है, और इसका असर संगठनात्मक ढांचे पर भी पड़ा है। वर्तमान युवा कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा को हुड्डा का करीबी माना जाता है। वे करनाल लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं और एक जुझारू युवा नेता की छवि रखते हैं।
फिलहाल, युवा कांग्रेस का भविष्य किसके हाथ में होगा, इसका निर्णय इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद होगा। आंकड़ों की बात करें तो निशित कटारिया को गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र से मात्र 1,400 वोट मिले, वहीं सोमिल संधू को करनाल लोकसभा क्षेत्र से 7,000 से अधिक मत प्राप्त हुए।अब देखना यह है कि राष्ट्रीय नेतृत्व संगठन को किस दिशा में ले जाता है और नेतृत्व की कमान किसके हाथ में सौंपी जाती है।