Shimla, Sanju-:शिमला में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की दो दिवसीय बैठक में लिए गए अहम फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में 100 से अधिक एजेंडों पर चर्चा की गई और निगम के प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि निगम ने अगले दो महीनों के भीतर 500 पुरानी और घाटे का कारण बन रही बसों को एचआरटीसी फ्लीट से हटाने का फैसला किया है। इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबे समय से लंबित भुगतान जारी करने के लिए भी आवश्यक राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एचआरटीसी को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
एचआरटीसी में ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को किया लागू
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी में ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लागू कर दिया गया है, जिसके तहत निगम के 9,099 कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में लाया गया है। निगम में कुल 10 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और शेष को भी चरणबद्ध तरीके से लाभ देने की दिशा में काम किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 170 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों और 74 वर्ष से अधिक आयु के 696 पेंशनरों को वर्ष 2016 से लंबित बैकलॉग का भुगतान किया जा चुका है। इसके लिए 23 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इसके अलावा 222 ऐसे पेंशनर, जिनकी पेंशन अब तक तय नहीं हो पाई थी, उन्हें पेंशन स्वीकृत कर दी गई है और कम्युटेशन की राशि भी दी गई है। केवल शिमला में ही 29 करोड़ रुपये पेंशनरों और कर्मचारियों के खातों में डाले गए हैं।
पीसमील कर्मचारियों को ओटीएस के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर लेने का भी निर्णय
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अप्रैल 2020 से लंबित डीजीआर के तहत 34 करोड़ रुपये की लीव एनकैशमेंट राशि भी जारी की गई है। 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के निर्णय को लागू कर दिया गया है, जबकि बैक डेट रेगुलर एरियर के रूप में साढ़े 15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।उन्होंने कहा कि 30 सितंबर 2025 तक देय 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान 31 जनवरी तक कर दिया जाएगा, जिसके लिए 5 करोड़ 7 लाख रुपये का डीए एरियर जारी किया गया है। इसके अलावा नाइट आउट अलाउंस के लिए 30 किलोमीटर की सीमा समाप्त कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। 78 पीसमील कर्मचारियों को ओटीएस के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर लेने का भी निर्णय लिया गया है। इस महीने का वेतन कर्मचारियों को दे दिया गया है, हालांकि कुछ पेंशन भुगतान अभी शेष हैं, जिन्हें जल्द निपटाया जाएगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी को राज्य सरकार से मिलने वाली ग्रांट पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन संसाधन बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। हिम बस कार्ड योजना के तहत अब तक 21 हजार लोग कार्ड बनवा चुके हैं। यूको बैंक, एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के साथ करार किया गया है, जिससे कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय सुविधाएं मिल सकेंगी। लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से बस टिकट बुकिंग और घर बैठे हिम बस कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि पहले बसों को 9 लाख किलोमीटर या 15 वर्ष पूरे होने पर हटाने का नियम था, जिसे अब संशोधित किया गया है। अब 2.5 पीकेएम से कम माइलेज देने वाली बसों को हटाया जाएगा। 9 वर्ष के बाद बसों को उनकी उम्र और सर्विस खर्च के आधार पर फ्लीट में रखा जाएगा। 13 वर्ष में एक लाख रुपये और 14 वर्ष में ढाई लाख रुपये से अधिक सर्विस खर्च मांगने वाली बसों को हटाने का निर्णय लिया गया है। इसी नीति के तहत दो महीनों में 500 पुरानी बसें हटाई जाएंगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम द्वारा 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की जा रही है, जबकि 250 डीजल बसों के लिए टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 100 मिनी बसों के लिए तीसरा फाइनल टेंडर और 100 टेंपो ट्रैवलर के टेंडर भी करने के आदेश दिए गए हैं। बस अड्डों की छतों पर टेलीकॉम टावर लगाने के लिए स्पेस देने और बड़े ब्रांड्स को बस अड्डों में स्थान देने का फैसला भी लिया गया है, जिससे निगम की आय बढ़ेगी।उन्होंने बताया कि एचआरटीसी हर वर्ष एप्रिसिएशन अवॉर्ड देगी। दुर्घटना मुक्त और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें परिवहन से जुड़ी कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा। दैनिक भत्ता 410 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये कर दिया गया है। जेएओ आईटी के 171 पद नियमित रूप से भरने और 78 पीसमील श्रमिकों को कॉन्ट्रैक्ट पर लेने का भी निर्णय लिया गया है।
लोकल रूटों पर लंबी बसों की असफलता पर उन्होंने कहा कि पहले 7 से 8 सौ लंबी बसें आई थीं, लेकिन संचालन में दिक्कतें आईं। अब तक 280 बसों की खरीद हो चुकी है और 94 वॉल्वो बसों का फ्लीट तैयार है। निजी वॉल्वो बसों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निजी ऑपरेटर केवल 3 लाख रुपये केंद्र सरकार को देकर पूरे देश में बस चला सकते हैं, जबकि एचआरटीसी को 25 लाख रुपये तक टैक्स देना पड़ता है।उन्होंने कहा कि एचआरटीसी में रियायत का लाभ लेने के लिए सभी 28 रियायती श्रेणियों के यात्रियों को हिम बस कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा। निगम में युक्तिकरण की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता के अनुसार पद भरे जा रहे हैं। जयराम ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने फैसलों पर मजबूती से आगे बढ़ रही है।