कैथल। कैथल जिले में घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन और बढ़ गई है। ठंड से बचने के लिए लोग चादर और गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं, जबकि सड़कों के किनारे अलाव जलाकर लोग सर्दी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
ठंड के चलते लोगों की दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
पिछले कई दिनों से जारी ठंड और बादलों की वजह से रविवार को पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, गिरते तापमान का सबसे अधिक फायदा रबी फसलों, विशेषकर गेहूं की फसल को मिल रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम गेहूं की बेहतर बढ़वार और अच्छी पैदावार के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन आम लोगों के लिए ठंड का असर और बढ़ गया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटों में ठंड से राहत के कोई आसार नहीं जताए हैं। उनका कहना है कि शीत लहर का असर इसी तरह बना रहेगा और कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। कोहरे के दौरान वाहन की गति कम रखें, दिन में भी लो बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करें और हाई बीम से बचें, क्योंकि इससे दृश्यता और कम हो जाती है। यदि वाहन में फॉग लाइट उपलब्ध हों तो उनका प्रयोग करें और आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
पशुपालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रात के समय पशुओं को खुले में न बांधें, उन्हें शेड में रखें और गुनगुना पानी पिलाएं। सुबह ठंड कम होने और धूप निकलने के बाद ही पशुओं को बाहर निकालें। इसके साथ ही, पशुओं के आहार में आयोडीन युक्त नमक और मिनरल मिक्सचर शामिल करने से उनकी सेहत बनी रहती है और दूध उत्पादन पर भी नकारात्मक असर नहीं पड़ता।