पंचकूला | हरियाणा में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। जनगणना का पहला चरण 1 मई से शुरू होगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण और आवास जनगणना कराई जाएगी। जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक प्रदेश में नए जिले, तहसील-उपतहसील, मंडल-उपमंडल और ब्लॉक के गठन पर रोक लगा दी गई है।
प्रदेश सरकार ने जनगणना को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एसएलसीसीसी) की पहली बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जनगणना कार्य के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा को 200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
जिला स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से जल्द ही उपायुक्तों की एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, ताकि प्रधान जनगणना अधिकारियों को समय-सीमा, जिम्मेदारियों और विस्तृत परिचालन योजना के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।
जनगणना अवधि के दौरान जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जनगणना को मासिक जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के स्थायी एजेंडा में शामिल किया जाएगा।
जनगणना निदेशक ललित जैन ने बताया कि मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से शत-प्रतिशत डिजिटल प्री-टेस्ट पंचकूला, हिसार और फरीदाबाद में सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक आबादी को कवर किया गया। निर्धारित समय-सीमा में प्री-टेस्ट पूरा करने पर भारत के महापंजीयक (Registrar General of India) ने प्रदेश की सराहना की है।
जनगणना कार्य के लिए शिक्षकों को छोड़कर प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की तैनाती फरवरी माह में की जाएगी। पहले चरण में लगभग 60 हजार सरकारी कर्मचारी गणनाकर्मी (इन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए जाएंगे।