गुरुग्राम। हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। STF हरियाणा ने वांछित गैंगस्टर अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को अमेरिका से डिपोर्ट कराकर भारत लाया है। अमन भैंसवाल पर हत्या, फायरिंग, रंगदारी समेत गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं और वह विदेश में बैठकर अपना गिरोह संचालित कर रहा था।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार अमन भैंसवाल का अपना अलग आपराधिक गिरोह है, जबकि उसके कुख्यात रोहित गोदारा गैंग से भी संबंध रहे हैं। उसका नेटवर्क सोनीपत, रोहतक, झज्जर और दिल्ली-एनसीआर तक फैला हुआ था। हरियाणा और दिल्ली में उसके खिलाफ कुल 10 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसटीएफ के आईजी सतीश बाल्यान ने पत्रकार वार्ता में बताया कि यह STF हरियाणा का अब तक का छठा बड़ा सफल डिपोर्टेशन है। उन्होंने कहा कि अमन भैंसवाल फायरिंग, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन जैसे जघन्य अपराधों में शामिल रहा है। उसे पकड़ने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था और इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के माध्यम से उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।
अधिकारियों ने बताया कि सोनीपत के थाना बरौदा में वर्ष 2016 में दर्ज एक मामले के संबंध में मार्च 2025 में लुकआउट सर्कुलर और इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया था। अमन भैंसवाल के खिलाफ रोहतक, सोनीपत, झज्जर और दिल्ली के विभिन्न थानों में भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि अमन भैंसवाल 20 जून 2024 को फर्जी पहचान पर बने पासपोर्ट के जरिए भारत से कुवैत फरार हुआ था। यह पासपोर्ट अमन कुमार पुत्र नरेश कुमार, निवासी पूर्वी दिल्ली के नाम पर जारी कराया गया था। इस मामले में गोहाना सदर थाने में धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत अलग से केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल STF आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह डिपोर्टेशन इस बात का प्रमाण है कि STF हरियाणा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर संगठित और हिंसक अपराधों में शामिल भगोड़ों को पकड़ने और उन्हें कानून के कटघरे में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। STF हरियाणा अपराधी नेटवर्क को तोड़ने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रखेगी।