नारनौल। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में गश्त के दौरान भारतीय सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी इकाई राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात सूबेदार हीरालाल शहीद हो गए। वह अपने साथियों के साथ संवेदनशील इलाके में नियमित पेट्रोलिंग पर थे।
गश्त के दौरान फिसलन भरे रास्ते पर संतुलन बिगड़ने से सूबेदार हीरालाल गहरी खाई में गिर गए, जिससे मौके पर ही उनका निधन हो गया। यह हादसा शुक्रवार शाम को हुआ, जिसकी सूचना मिलते ही सेना और प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई।
सूबेदार हीरालाल महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर के निवासी थे। शनिवार सुबह करीब 10 बजे उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सेना की टुकड़ी उन्हें अंतिम सलामी देगी।
सूबेदार हीरालाल का जन्म 27 अप्रैल 1981 को हुआ था। उन्होंने 30 जनवरी 2000 को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। करीब 23 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर सहित कई चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कर्तव्य निभाया और 23 मई 2023 को सूबेदार के पद पर पदोन्नत हुए।
उनकी शहादत की खबर से गांव अकबरपुर में शोक और गर्व का मिला-जुला माहौल है। ग्रामीणों ने वीर सपूत को तिरंगा यात्रा के साथ अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया है। गांव की गलियों से होकर गुजरते समय हर घर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
सूबेदार हीरालाल अपने पीछे पत्नी रोशनी देवी, पुत्र गजेंद्र और पुत्री स्नेहलता को छोड़ गए हैं। उनका बेटा पुणे में आईआईटी से पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी दिल्ली में नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त कर रही है। परिवार के लिए हीरालाल हर संकट में मजबूत सहारा थे।
अकबरपुर के लिए यह क्षण गहरे शोक के साथ गर्व का भी है, जब गांव का बेटा देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर अमर हो गया।