झरिया | फर्जी लिंक के जरिए 17 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में हरियाणा पुलिस ने झरिया में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई झरिया थाना पुलिस के सहयोग से की गई, जिसमें कतरास मोड़ स्थित विकास स्वीट्स और चौथाई कुल्ही इलाके में छापेमारी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में विकास स्वीट्स के संचालक अरुण प्रताप केसरी, चौथाई कुल्ही निवासी राजेश सिंह उर्फ राजू सिंह और अजय रवानी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक ठगी की रकम इन्हीं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। मुख्य आरोपी प्रगति केसरी पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
मामला हरियाणा के गुरुग्राम निवासी मनोज कुमार की शिकायत से सामने आया था। उन्होंने गुरुग्राम साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें एक फर्जी लिंक भेजा गया था। लिंक खोलते ही मोबाइल में संदिग्ध एप इंस्टॉल हो गया और इसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग किस्तों में करीब 17 लाख रुपये निकाल लिए गए।
शिकायत के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गुरुग्राम साइबर थाना प्रभारी योगेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जांच में सामने आया कि जिस मोबाइल नंबर से फर्जी लिंक भेजा गया था, वह झरिया थाना क्षेत्र के चौथाई कुल्ही निवासी अजय रवानी के नाम पर पंजीकृत है। इसके अलावा ठगी की राशि राजेश सिंह और विकास स्वीट्स संचालक अरुण प्रताप केसरी के पुत्र प्रगति केसरी के कई बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। हिरासत में लिए गए आरोपियों को हरियाणा ले जाने की तैयारी की जा रही है, जबकि फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। वहीं, झरिया में लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामलों ने प्रशासन के लिए चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे पहले भी विभिन्न राज्यों की पुलिस यहां दबिश दे चुकी है, बावजूद इसके साइबर अपराधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।