नाहन। हरिपुरधार में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत पहुंचाने के लिए जिला सिरमौर विधिक सेवा प्राधिकरण सक्रिय हो गया है। प्राधिकरण ने दुर्घटना में घायल लोगों और मृतकों के परिजनों को न केवल कानूनी सहायता का भरोसा दिलाया है, बल्कि मुआवजा दिलाने की पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने का भी आश्वासन दिया है।
शनिवार दोपहर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्यों ने डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नाहन पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ितों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई और आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से समझाया गया। प्राधिकरण की टीम में विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता, सहायक अधिवक्ता और कर्मचारी शामिल रहे।
पीड़ितों की सुविधा के लिए नाहन के अलावा ददाहू और संगड़ाह अस्पतालों में भी पैरा लीगल स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। ये स्वयंसेवक घायलों, उनके परिवारों और मृतकों के परिजनों को जरूरी दस्तावेज तैयार कराने, आवेदन भरने और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में मदद कर रहे हैं।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बस दुर्घटना में पीड़ितों को नियमानुसार चार लाख रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है। इसके लिए कोर्ट में होने वाली पूरी कानूनी प्रक्रिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहायता करेगा। पीड़ितों की ओर से वकील की फीस भी प्राधिकरण द्वारा वहन की जाएगी, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी को न्याय से वंचित न होना पड़े।
एडवोकेट सुभाष शर्मा (मुख्य कानूनी सहायता बचाव वकील), एडवोकेट मंजीत सिंह (सहायक कानूनी सहायता बचाव वकील) और पैरा लीगल वालंटियर्स ने पीड़ित परिवारों को निःशुल्क विधिक सेवा और परामर्श का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिरमौर के निर्देश पर की गई इस पहल को पीड़ितों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। चिकित्सा देखभाल से लेकर कानूनी सहायता और मुआवजे तक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह प्रयास हादसे से प्रभावित परिवारों के बोझ को कम करने की दिशा में अहम साबित हो रहा है।