Dharamshala, Rahul-:प्रदेश के प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल बीड़-बिलिंग में हाल के दिनों में पैराग्लाइडिंग दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन ने गंभीर चिंता जताई है। बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उड़ान से पहले पायलटों का डोपिंग टेस्ट अनिवार्य किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
धर्मशाला पहुंचे अनुराग शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पैराग्लाइडिंग एक साहसिक खेल है, जिसमें जोखिम रहता है, लेकिन कई मामलों में दुर्घटनाओं की वजह पायलटों की लापरवाही भी सामने आती है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में बीड़-बिलिंग क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग हादसों में इजाफा हुआ है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। इसी को देखते हुए पर्यटन विभाग के समक्ष नियमों को और सख्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।अनुराग शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई पायलट खराब मौसम में उड़ान भरता पाया जाता है, तो पहली बार उसे चेतावनी दी जाए, लेकिन दोबारा ऐसी गलती करने पर उसका लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए। इससे न केवल पायलटों में अनुशासन आएगा, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में धर्मशाला और बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग के बड़े केंद्र हैं। अनुकूल मौसम के दौरान बीड़-बिलिंग में प्रतिदिन करीब 1500 पर्यटक पैराग्लाइडिंग का आनंद लेते हैं। इस क्षेत्र में लगभग 400 पंजीकृत पायलट कार्यरत हैं। इसके अलावा बीड़-बैजनाथ क्षेत्र में साढ़े तीन सौ से अधिक होटल और होमस्टे पंजीकृत हैं, जो पर्यटन पर निर्भर हैं।
अनुराग शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार जिला कांगड़ा में पर्यटन से जुड़े आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है और कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे, लेकिन इसके लिए पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।