Shimla,Kartik -:हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शिमला में कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) को केवल मुनाफे और घाटे के नजरिए से आंकना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि HRTC ने 50 साल का लंबा सफर तय किया है और राज्य की जनता के साथ इसका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में न तो पर्याप्त हवाई संपर्क है और न ही व्यापक रेल नेटवर्क, इसलिए बड़े पैमाने पर लोग बसों पर निर्भर हैं। प्रतिदिन लगभग पांच लाख यात्री HRTC की बसों से यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि HRTC को कुल 28 प्रकार की रियायतें देनी पड़ती हैं और कई ऐसे क्षेत्रों में बस चलाने का जिम्मा HRTC ही निभाती है, जहां कोई निजी ऑपरेटर सेवा प्रदान नहीं करता।मुकेश अग्निहोत्री ने आगे बताया कि कोरोना काल और अन्य आपदाओं में भी HRTC ने अपनी सेवाएं जारी रखीं, और ऐसे में मुनाफा कमाना स्वाभाविक रूप से कठिन होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि HRTC को मिलने वाला पूरा वित्तीय सहयोग राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। यह संगठन व्यावसायिक हित से संचालित नहीं है, बल्कि जनहित में काम करता है।
इलेक्ट्रिक बस का परीक्षण शुरू
हाल ही में राज्य में एक इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल किया गया। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बस को 18 डिपो और 36 अलग-अलग स्थानों पर परीक्षण के लिए भेजा गया। अर्की, सोलन और सराहन जैसे क्षेत्रों में बस की क्षमता, चार्जिंग समय और पहाड़ी क्षेत्रों में संचालन की व्यावहारिकता जाँची जा रही है।
लोक निर्माण मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया
लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार किसी बयान का सही अर्थ केवल सुनने या पढ़ने के बाद ही स्पष्ट होता है।
HIM Card को लेकर भ्रम साफ
HIM Card को लेकर फैली गलतफहमियों पर मुकेश अग्निहोत्री ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि HRTC में कर्मचारियों के लिए अलग पहचान कार्ड होता है और HIM Card यात्रा के लिए नहीं है। पुलिस कर्मियों से जुड़े मामलों की अलग जांच की जाएगी।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी रूट पर लगातार वित्तीय नुकसान हो रहा है, तो उसकी समीक्षा की जाएगी, लेकिन केवल घाटे के आधार पर HRTC का मूल्यांकन करना सही नहीं है।
हरिपुरधार बस हादसे की जांच
सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए हालिया बस हादसे पर मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि जांच आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में 82 यात्री सवार थे, जबकि हादसे में 14 लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है और सड़क पर पाले के कारण बस के फिसलने की संभावना भी रही।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 148 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 147 को ठीक कर दिया गया है और वहां क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। रोड सेफ्टी पर नियमित बैठकें हो रही हैं और यूनियनों से सुझाव मांगे जा रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि हरिपुरधार रूट पर नियमित बस सेवा नहीं थी। मेला होने के कारण यात्रियों ने स्पेशल बस में सवार होना चुना। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के अवसरों पर अतिरिक्त बस सेवाओं की मांग की जानी चाहिए।
HRTC के पास लगभग 3200 बसें हैं, जिनमें से 500 बसें हटानी जरूरी हैं। औसतन 15 साल या 9 लाख किलोमीटर चल चुकी बसों को बदलना आवश्यक है। वर्तमान में 300 इलेक्ट्रिक बसें और 250 मिनी बसें आने तक पुरानी बसें पूरी तरह हटाई नहीं जा सकतीं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
शिमला रोपवे परियोजना पर अपडेट
शिमला रोपवे परियोजना के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल टेंडर को मंजूरी देना या न देना कैबिनेट का निर्णय है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग विभागों से मंजूरी लेने में करीब पांच साल लग गए, जिससे परियोजना की लागत बढ़कर 500 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। डॉलर के बढ़ते दाम का असर भी परियोजना पर पड़ा।यह परियोजना ग्लोबल टेंडर के माध्यम से हो रही है और कंपनी के साथ बातचीत जारी है। फिलहाल टेंडर फाइनल नहीं हुआ है।
बाहरी बसों से हिमाचल की बसों को नुकसान
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की नीति के तहत बाहरी राज्यों की बसों को 3 लाख रुपये जमा कर रूट लेने की छूट दी गई थी, जिसका हिमाचल ने विरोध किया। अब बाहरी बसें दिल्ली से बुकिंग करने के बजाय रास्ते में ही सवारियां उठा रही हैं, जिससे हिमाचल की बसों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सवारी उठाने का अधिकार केवल हिमाचल की बसों का है। इस मामले को लेकर राज्य सरकार अदालत में लड़ाई लड़ रही है।
मुकेश अग्निहोत्री ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि HRTC केवल वित्तीय दृष्टि से नहीं, बल्कि जनसेवा के दृष्टिकोण से संचालित होता है। चाहे बसों की पुरानी स्थिति हो, चाहे बाहरी बसों के आने का मुद्दा हो, HRTC की प्राथमिकता हमेशा यात्रियों और जनता की सेवा रही है।