गोरखपुर | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को गोरखपुर-पाटलिपुत्र वंदे भारत एक्सप्रेस को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाएंगे। यह जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने गोरखपुर जंक्शन के निरीक्षण के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन पाटलिपुत्र को मुजफ्फरपुर और नरकटियागंज होते हुए गोरखपुर से जोड़ेगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
सप्ताह में छह दिन चलेगी यह एक्सप्रेस
यह वंदे भारत एक्सप्रेस 22 जून से नियमित रूप से सप्ताह में छह दिन (शनिवार को छोड़कर) चलेगी। उद्घाटन के दिन यह विशेष ट्रेन पाटलिपुत्र से 11:50 बजे रवाना होकर रात 9:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। पीएम मोदी इस सेवा का वर्चुअल उद्घाटन 20 जून को कुशीनगर होते हुए सिवान प्रवास के दौरान आयोजित जनसभा में करेंगे।
गोरखपुर स्टेशन बन रहा आधुनिक सुविधाओं का हब
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष सतीश कुमार ने पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्टेशन परिसर, एकीकृत क्रू लॉबी, रनिंग रूम और यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने 500 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे गोरखपुर स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि दुनिया का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म वाला स्टेशन अब सुविधाओं के लिहाज से भी मॉडल बनेगा।
अमृत भारत योजना के तहत हो रहा है विकास
सतीश कुमार ने बताया कि ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें पूर्वोत्तर रेलवे के 58 स्टेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2025-26 के रेल बजट में उत्तर प्रदेश को रिकॉर्ड 19,858 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
पूर्वी यूपी को मिलेगी नई रेल परियोजनाओं की सौगात
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने यह भी बताया कि खलीलाबाद-बहराइच रेल कॉरिडोर के निर्माण के साथ-साथ डोमिनगढ़ से कुसम्ही के बीच दोहरीकरण कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं से पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेल यातायात की क्षमता में बड़ा विस्तार होगा।