पंचकूला। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) किए जाने के विरोध में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के जवाब में भारतीय जनता पार्टी अब और आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन के बाद पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर उतरने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए भाजपा नेता और कार्यकर्ता शहरों की बजाय सीधे गांवों में जाकर लोगों से संवाद करेंगे। हरियाणा भाजपा को निर्देश दिए गए हैं कि विधायक, मंत्री और संगठन पदाधिकारी गांव-गांव जाकर संगोष्ठियां आयोजित करें और ग्रामीणों को यह समझाएं कि योजना का नाम बदलने का उद्देश्य रोजगार व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है, न कि उसे कमजोर करना।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस के पास ठोस मुद्दों का अभाव है और वह केवल नाम बदलने के बहाने भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को तथ्यों से अवगत कराया जाए, ताकि कांग्रेस के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
भाजपा नेता संगोष्ठियों में पिछले तीन वर्षों के आंकड़े प्रस्तुत करेंगे, जिनमें बताया जाएगा कि योजना के तहत कितने परिवारों को रोजगार मिला और किस प्रकार ग्रामीण आजीविका को मजबूती दी गई। इसके साथ ही कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा से जुड़े कथित घोटालों का भी उल्लेख किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि उस दौर के कई मामले अब भी अदालतों में लंबित हैं।
हरियाणा भाजपा संगठन पहले से ही इस अभियान की रूपरेखा तैयार कर चुका था, लेकिन अब इसे और व्यापक तथा प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है। जागरूकता कार्यक्रमों की पहली श्रृंखला 31 जनवरी तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा का पक्ष मजबूत होगा और कांग्रेस के विरोध की धार कमजोर पड़ेगी।