फतेहगढ़ साहिब। नाभा जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और अधिवक्ता अमरदीप सिंह धरनी ने फतेहगढ़ साहिब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब सरकार और जेल प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए।
अधिवक्ता धरनी ने बताया कि 5 जनवरी को फतेहगढ़ साहिब के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के नाभा जेल दौरे के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया ने स्वयं अदालत के समक्ष अपनी जान को खतरे की आशंका जताई थी। मजीठिया ने न्यायालय को अवगत कराया कि जिस बैरक में उन्हें रखा गया है, वहां गंभीर अपराधों में संलिप्त कैदियों को भी रखा गया है, जिससे उनकी सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
अकाली दल प्रवक्ता का आरोप है कि जज के दौरे और मजीठिया द्वारा सुरक्षा संबंधी चिंता दर्ज कराने के बावजूद अब तक जेल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि न तो बैरक में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और न ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं की गई हैं।
धरनी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि नाभा जेल में बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और जेल प्रशासन की होगी। उन्होंने मांग की कि मजीठिया की सुरक्षा को लेकर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएं और अदालत के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।