Mandi, Dharamveer-:हिमाचल प्रदेश में बीती रात से बदले मौसम ने किसानों और बागबानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। लंबे सूखे के बाद हुई बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी को खेती और बागवानी के लिए संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है। तीन माह से जारी ड्राई स्पैल के कारण जहां रबी फसलों की बुआई और बढ़वार प्रभावित हो रही थी, वहीं अब इस बदले मौसम से हालात में सुधार की उम्मीद जगी है।
प्रदेश के कई हिस्सों में समय पर वर्षा न होने के कारण गेहूं सहित रबी की फसलों की बुआई अधूरी रह गई थी। लगातार नमी की कमी से पहले से बोई गई फसलें भी तनाव में आ गई थीं। लेकिन अब बारिश से खेतों में नमी लौटने लगी है, जिससे फसल उत्पादन बढ़ने की संभावना बन रही है। किसानों के अनुसार, यह वर्षा यदि कुछ और समय तक जारी रहती है तो नुकसान की भरपाई काफी हद तक संभव हो सकेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र मंडी के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पंकज सूद ने बताया कि प्रदेश के मध्यवर्ती और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आगामी 24 से 36 घंटों तक बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। उन्होंने बताया कि सूखे की वजह से हिमाचल में रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं की लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक बुआई नहीं हो पाई थी, लेकिन अब हालात सुधरने लगे हैं।बागवानी क्षेत्र के लिए भी यह मौसम बेहद अनुकूल माना जा रहा है। विशेषकर ऊपरी इलाकों में सेब की फसल के लिए बर्फबारी का होना जरूरी होता है, क्योंकि इससे चिलिंग आवर्स पूरे होते हैं, जो अच्छी पैदावार के लिए अहम हैं। इसके अलावा भिंडी, फ्रेंचबीन, मटर, लहसुन और अन्य नकदी फसलों की बुआई के लिए भी यह बारिश वरदान साबित होगी।मौसम की इस करवट से प्रदेशभर के किसानों और बागबानों के चेहरों पर एक बार फिर रौनक लौट आई है और आने वाले सीजन को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।