Mandi, Dharamveer-:सराज घाटी में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी ने जनजीवन को एक बार फिर प्रभावित कर दिया है। ताजा हिमपात के चलते घाटी के कई ऊंचाई वाले इलाकों में संचार सेवाएं, सड़कें, बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह बाधित हुई हैं। ऐसे कठिन हालात में भी संचार कंपनियों के कर्मी दिन-रात मोर्चा संभाले हुए हैं और माइनस 3 से 5 डिग्री तापमान में नेटवर्क सेवाओं को बहाल करने में जुटे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज में 2025 की आपदा के बाद यह दूसरी बड़ी चुनौती है, जब संचार सेवाओं पर प्रकृति की मार पड़ी है। हालांकि राहत की बात यह है कि घाटी के अधिकांश क्षेत्रों में नेटवर्क सेवाएं सुचारू हैं, लेकिन कुछ दुर्गम इलाकों में अभी भी कनेक्टिविटी ठप बनी हुई है।इसी बीच निजी संचार कंपनी के कर्मी महेश्वर शर्मा और उनके साथियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे रात के अंधेरे और कड़ाके की ठंड में नेटवर्क बहाल करते नजर आ रहे हैं। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच जोखिम भरे हालात में काम कर रहे इन कर्मियों के जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं।
तीन दिन पहले पूरे प्रदेश सहित मंडी जिले की ऊंची चोटियों पर हुई ताजा बर्फबारी से सराज घाटी भी पूरी तरह सफेद चादर में ढक गई है। जहां यह बर्फबारी किसानों और बागबानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।जिला आपदा केंद्र मंडी के अनुसार, सराज घाटी में अभी भी लगभग 60 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 126 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं और करीब आधा दर्जन पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जिला प्रशासन द्वारा राहत और बहाली कार्य लगातार जारी हैं। बिजली आपूर्ति को आंशिक रूप से बहाल किया जा चुका है, लेकिन सभी सेवाओं को पूरी तरह सामान्य होने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है।कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे ये कर्मचारी न केवल सेवाओं की बहाली में जुटे हैं, बल्कि मानव सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल भी पेश कर रहे हैं।