जींद। उचाना विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने देवेंद्र अत्री द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को खारिज कर दिया है। इसके बाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी और मामला आगे बढ़ेगा।
जानकारी के अनुसार, उचाना विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है।
भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री ने हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने मांग की थी कि हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाई जाए और चुनाव याचिका को खारिज किया जाए।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि उचाना चुनाव विवाद से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में ही सुना जाएगा।
कानूनी जानकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद हाईकोर्ट में सुनवाई तेज हो सकती है। अब हाईकोर्ट में मतगणना से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और शिकायतों की गहन जांच होने की संभावना है।
उधर, इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस इसे अपनी बड़ी जीत बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।