कांगड़ा, 5 फरवरी-:तकनीकी खामी और बैंकिंग सुरक्षा में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सिम कार्ड बंद होने का फायदा उठाकर एक खाताधारक की सावधि जमा (एफडी) तुड़वाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित रविकांत का आरोप है कि सिम कार्ड बंद होने के कारण उन्हें बैंक लेन-देन से जुड़े कोई भी अलर्ट मैसेज प्राप्त नहीं हो सके, जिससे उन्हें समय रहते इस धोखाधड़ी की जानकारी नहीं मिल पाई।
रविकांत ने बताया कि किसी कारणवश उनका मोबाइल फोन और सिम कार्ड लगभग दो दिनों तक बंद रहा। इस दौरान बैंक से संबंधित कोई भी ट्रांजेक्शन अलर्ट उनके मोबाइल पर नहीं आ सका। जब दो दिन बाद फोन और सिम दोबारा चालू हुए, तो मोबाइल पर आए मैसेज देखकर वे हैरान रह गए। संदेश में जानकारी दी गई थी कि उनकी करीब सात लाख रुपये की एफडी ब्याज सहित तोड़ दी गई है और राशि खाते से निकाल ली गई है।पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर संबंधित बैंक से संपर्क किया, लेकिन वहां से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। बैंक की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रविकांत ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है।न्याय की मांग करते हुए रविकांत ने अब इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक देहरा कार्यालय और साइबर क्राइम सेल में दर्ज करवाई है। उनका कहना है कि बिना उनकी जानकारी और अनुमति के एफडी तोड़ना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक सुनियोजित साइबर अपराध भी हो सकता है।
इस मामले में एसपी देहरा मयंक चौधरी ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर साइबर एंगल से भी मामले की पड़ताल की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।