चंबा | हिमाचल प्रदेश में इसी साल के अंत में होने वाले पंचायती राज चुनाव से पहले सरकार और पंचायती राज विभाग सख्ती के मूड में हैं। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब ऐसे पंचायत प्रतिनिधियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिलेगा, जिन पर सरकारी धन की बकाया राशि है। बिना NOC के चुनाव लड़ना संभव नहीं होगा।
53 पंचायतों को निर्देश, तुरंत चुकाएं बकाया
खंड विकास अधिकारी कार्यालय तीसा के अधीन आने वाली 53 पंचायतों के प्रतिनिधियों, युवक मंडलों और महिला मंडलों के पदाधिकारियों को पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि उन पर किसी भी प्रकार की सरकारी राशि बकाया है, तो वे उसे जल्द से जल्द पंचायत सचिव के पास जमा करें।
विभाग ने कहा है कि जानबूझकर राशि न चुकाने की स्थिति में पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी।
BDO की चेतावनी: बिना भुगतान नहीं मिलेगा चुनाव में प्रवेश
खंड विकास अधिकारी महेश चंद ठाकुर ने साफ किया कि, “पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, जिन प्रतिनिधियों के ऊपर किसी भी सरकारी कार्य से संबंधित धनराशि लंबित है, वे तब तक चुनाव नहीं लड़ सकते जब तक वह राशि जमा नहीं की जाती। अनापत्ति प्रमाण पत्र तभी जारी होगा जब बकाया राशि न हो।”
उन्होंने बताया कि सभी पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जल्द से जल्द अपनी बकाया राशि जमा करें ताकि वे चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य हो सकें।