मुजफ्फरपुर। जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। टीम ने मैठी टोल प्लाजा के पास स्थित एक लाइन होटल परिसर में खड़े राजस्थान नंबर के ट्रक से 430 कार्टन हरियाणा निर्मित शराब बरामद की है। इस दौरान दो तस्करों को मौके से गिरफ्तार भी किया गया है।
उत्पाद विभाग के अनुसार, तस्करों ने शराब छिपाने के लिए ट्रक में बेहद शातिर तरीका अपनाया था। ट्रक पर ढाई-ढाई फीट के सीमेंट ब्लॉक रखे गए थे और इनके नीचे लोहे की चादर से तहखाना (छोटे-छोटे बॉक्स) तैयार किया गया था। इसी गुप्त तहखाने में शराब की पूरी खेप छिपाई गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहन खरवाल और रामपाल वर्मा के रूप में हुई है। दोनों जयपुर के किशनगढ़ रेनवाल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और ट्रक चालक बताए जा रहे हैं। दोनों एक ही गांव के निवासी हैं और लंबे समय से शराब तस्करी में संलिप्त होने की आशंका जताई जा रही है।
उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बरामद शराब दो अलग-अलग ब्रांड की है। दूसरे प्रदेश से भारी मात्रा में शराब आने की सूचना मिलने के बाद इंस्पेक्टर मनोज कुमार, प्रकाश कुमार, एसआई अभिमन्यू सिंह और एएसआई नीरज कुमार की टीम ने छापेमारी कर ट्रक को पकड़ा।
टीम ने लाइन होटल परिसर में राजस्थान नंबर का ट्रक खड़ा देखकर शक के आधार पर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों चालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद ट्रक की तलाशी ली गई तो सीमेंट ब्लॉक हटाने पर नीचे बने तहखाने से शराब के कार्टन बरामद हुए।
जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करों ने स्कैनिंग से बचने के लिए ट्रक के अंदर चारों ओर करीब छह इंच मोटी लोहे की चादर लगाई थी, ताकि हैंड स्कैनर से शराब की मौजूदगी का पता न चल सके।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब से लदा ट्रक उन्हें रोहतक से बीएस नामक व्यक्ति ने सौंपा था। इस खेप को पहुंचाने के लिए 20-20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 10-10 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि एक राजस्थान के शराब धंधेबाज ने उनके पुराने मोबाइल फोन ले लिए थे और उन्हें नया मोबाइल व सिम कार्ड देकर सिर्फ दो नंबर सेव कराए गए थे। इसी के जरिए लगातार लोकेशन ली जा रही थी।
आरोपियों ने बताया कि ट्रक 5 फरवरी को रोहतक से रवाना हुआ था और उन्हें गायघाट स्थित लाइन होटल पर रुकने के निर्देश दिए गए थे। योजना के मुताबिक शराब की यह खेप दरभंगा एयरपोर्ट के आसपास अनलोड की जानी थी।
उत्पाद विभाग की कार्रवाई के दौरान तस्कर मैठी टोल से आगे निकलने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही टीम ने ट्रक को पकड़ लिया। मामले में राजस्थान के राजेंद्र कुमार नामक शराब धंधेबाज की भूमिका भी सामने आई है। फिलहाल उत्पाद विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।