शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष लगातार भ्रामक बयानबाज़ी कर रहे हैं, जबकि राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) किसी सरकार की मेहरबानी नहीं बल्कि प्रदेश की जनता का संवैधानिक अधिकार है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने बताया कि सदन में भाजपा नेताओं से सीधा सवाल पूछा गया था कि क्या वे हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, लेकिन इस पर उन्होंने स्पष्ट समर्थन नहीं दिया। नेगी ने कहा कि प्रदेश के लोग कोई खैरात नहीं मांग रहे, बल्कि अपने हक की बात कर रहे हैं। सरकार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी और इसमें जनता का सहयोग जरूरी है। उन्होंने भाजपा नेताओं से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल कराने के लिए राज्य सरकार के साथ खड़े हों।
जगत सिंह नेगी ने पूर्व भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को अपने पांच साल के कार्यकाल में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मिली, जिसमें 54 हजार करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान और 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी मुआवजा शामिल था। इसके बावजूद प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां छोड़ी गईं।उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को अब तक केवल 17 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला है। नेगी ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत राजस्व घाटा अनुदान राज्यों का संवैधानिक अधिकार है, जिसका उद्देश्य राजस्व और व्यय के बीच के अंतर को कम करना है। यह व्यवस्था वर्ष 1952 से लागू है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।