ऊना, राकेश-: पंजाब और अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश में आने वाली गाड़ियों पर सरकार द्वारा बढ़ाई गई एंट्री फीस को लेकर व्यापार और पर्यटन जगत में असंतोष बढ़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी कर राज्य में प्रवेश करने वाली विभिन्न प्रकार की गाड़ियों की एंट्री फीस बढ़ा दी है। नई दरें पहली अप्रैल से लागू होंगी, लेकिन स्थानीय व्यापारी और आम लोग पहले ही इस फैसले से चिंतित हैं और सरकार से दरों में कटौती करने की मांग कर रहे हैं।
व्यापार पर असर
हिमाचल और पंजाब बॉर्डर पर स्थित जिला ऊना के मेहतपुर क्षेत्र के कारोबारियों का कहना है कि उनका व्यापार पंजाब से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर करता है। मेहतपुर और आसपास के क्षेत्र पंजाब के कई गांवों के लोगों के लिए शॉपिंग, भोजन और अन्य जरूरतों के लिए प्रमुख केंद्र हैं। व्यापारियों के अनुसार, एंट्री फीस बढ़ने से इन ग्राहकों की संख्या कम हो सकती है, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
विक्रम ठाकुर, कारोबारी
“नई दरें व्यापार और पर्यटन दोनों के लिए भारी पड़ेंगी। हमारी अपील है कि सरकार इसे कम करे ताकि स्थानीय लोगों और कारोबारियों पर बोझ न पड़े।”
मोनू ठाकुर, होटल कारोबारी
“अचानक दरें बढ़ जाने से होटल व्यवसाय और पर्यटन पर असर पड़ेगा। अभी से चिंता की स्थिति बनी हुई है।”
इक़वाल सिंह, स्थानीय निवासी
“पंजाब और हिमाचल के लोग पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों के चलते एक-दूसरे के यहां आते-जाते रहते हैं। नई दरें आम लोगों की जेब पर असर डालेंगी।”
नई दरों और विरोध
हिमाचल सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब राज्य में प्रवेश करने वाली गाड़ियों के लिए फीस इस प्रकार है:
पांच सीटर कार: 130 रुपये
इनोवा, जीप, थार और वैन: 170 रुपये
मिनीबस, टेंपो, अन्य गाड़ियां: 320 रुपये
बस, ट्रक: 570 रुपये
हैवी ड्यूटी ट्रक, टिपर, हैवी ट्रेलर: 600, 800 और 900 रुपये
नांगल और आसपास के गांवों के लोग भी इस बढ़ोतरी से परेशान हैं, क्योंकि उनके रिश्तेदार हिमाचल में रहते हैं और अब उन्हें वहां जाने के लिए अधिक शुल्क देना होगा। पंजाब से हिमाचल आने वाली गाड़ियों के लिए मेहतपुर, संतोखगढ़, भुबोवाल पोलिया और बाथरी में टोल बैरियर लगाए गए हैं।
‘इलाका बचाओ संघर्ष मोर्चा’ का विरोध
इलाका बचाओ संघर्ष मोर्चा ने भी एंट्री टैक्स बढ़ोतरी का विरोध किया है। मोर्चा के नेता परमजीत सिंह पम्मा ने इसे “हिमाचल सरकार की अंधी लूट” करार दिया और कहा कि स्थानीय लोगों की परेशानियों को देखते हुए पंजाब के लोगों से एकजुट होकर इसका विरोध किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो स्थानीय संघर्ष और तेज होगा। मोर्चा जल्द ही मीटिंग कर इस मामले में कड़े कदम उठाने की योजना बना रहा है।
निष्कर्ष:
बढ़ी हुई एंट्री फीस से न केवल व्यापार और पर्यटन प्रभावित होंगे, बल्कि स्थानीय और पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की मांग है कि सरकार नई दरों में पुनर्विचार करे, ताकि आम लोगों और कारोबारियों पर आर्थिक बोझ कम हो।