रेवाड़ी। जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। चाय-नाश्ते की ठेलियों से लेकर मिठाई की दुकानों और छोटे होटल-रेस्टोरेंट तक में घरेलू सिलेंडरों से खाद्य सामग्री तैयार की जा रही है। नियमों के विपरीत हो रहा यह इस्तेमाल न केवल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि इससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।
हाल ही में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से चलाए गए विशेष अभियान के दौरान इस अनियमितता का खुलासा हुआ। विभागीय टीम ने कार्रवाई करते हुए रेलवे रोड क्षेत्र से छह घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा बेरली, कोसली और नांगल मूंदी क्षेत्र में जांच के दौरान 30 सिलेंडर और पकड़े गए। इस तरह दो दिनों की कार्रवाई में कुल 36 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि घरेलू सिलेंडर केवल घरों में उपयोग के लिए निर्धारित हैं, लेकिन कई व्यापारी सस्ते होने के कारण इन्हें होटल, ढाबों और मिठाई की दुकानों में इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे किसी भी समय आग या विस्फोट जैसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बताया जा रहा है कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर में 19 किलोग्राम गैस होती है, जिसकी कीमत लगभग 1750 रुपये है, जबकि 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर करीब 853 रुपये में मिलता है। इसी मूल्य अंतर के कारण कई दुकानदार घरेलू सिलेंडरों का अवैध रूप से उपयोग कर रहे हैं।
उधर, हाल के दिनों में गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडरों की कमी भी देखी जा रही है। इससे आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस.पी. मेहता ने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि पकड़े जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।