Facebook-f Youtube X-twitter

उत्तर भारत के सबसे लंबे रेल वायडक्ट और सुरंग परियोजना से हिमाचल को नई रफ्तार

शिमला, 3 मार्च -: हिमाचल प्रदेश में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। ऊना जिले की दौलतपुर–कटरोली रेललाइन पर उत्तर भारत का सबसे लंबा रेल वायडक्ट तैयार किया गया है, वहीं भानुपल्ली–बेरी रेललाइन परियोजना में एकल सुरंग ब्रेकथ्रू का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। इन दोनों परियोजनाओं को क्षेत्रीय विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

दौलतपुर–कटरोली रेललाइन पर 7.80 किलोमीटर लंबा वायडक्ट और 10.55 किलोमीटर नई ब्रॉडगेज लाइन का निर्माण लगभग 677 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार यह वायडक्ट इंजीनियरिंग की दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण भूभाग पर बनाया गया है। परियोजना में 301 स्पैन और 302 पियर का निर्माण किया गया है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। निर्माण कार्य में लगभग 16,000 मीट्रिक टन संरचनात्मक स्टील और 19,000 मीट्रिक टन टीएमटी स्टील का इस्तेमाल हुआ है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से ऊना और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुविधा बेहतर होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की मांग कर रहे स्थानीय निवासियों के लिए यह परियोजना राहत लेकर आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।इसी क्रम में भानुपल्ली–बेरी रेललाइन परियोजना के तहत लगभग 8 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सुरंग में से 750 मीटर हिस्से का सफल ब्रेकथ्रू किया गया है। यह उपलब्धि तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पहाड़ी भूगोल में सुरंग निर्माण चुनौतीपूर्ण होता है। परियोजना पूरी होने के बाद हिमाचल प्रदेश का राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ाव और मजबूत होगा।

परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही कृषि और छोटे उद्योगों को भी बाहरी बाजारों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।राज्य और केंद्र स्तर पर अधिकारियों ने कहा है कि परियोजनाओं के शेष कार्य को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क का विस्तार लंबे समय से विकास की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। इन परियोजनाओं को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास को नई ऊंचाई देने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

महिला आरक्षण बिल विवाद पर गरमाई सियासत,मंत्री नेगी ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

शिमला,संजू-:लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जारी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान से राजनीतिक माहौल और तेज हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री महिला सांसदों से दूरी बनाकर संसद में उपस्थित नहीं होते, तो स्वयं को...

कंगना रणौत के बयान पर विक्रमादित्य सिंह का तंज,महिला प्रतिनिधित्व को लेकर छिड़ी सियासी बहस

शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में महिला आरक्षण और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। हाल ही में सांसद कंगना रणौत के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्होंने हिमाचल विधानसभा में खुद को एकमात्र महिला प्रतिनिधि जैसा प्रस्तुत किया। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर आलोचना का...

महिला आरक्षण मुद्दे पर सियासत तेज, राजेंद्र गर्ग ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

बिलासपुर,सुभाष-:झंडूता में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक के विरोध ने कांग्रेस की सोच को उजागर कर दिया है और यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े...

हमीरपुर में नकली करेंसी गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

हमीरपुर-:हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में पुलिस ने नकली करेंसी के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से हजारों रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं, जो प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खपाए जा रहे थे।हमीरपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार को पुलिस टीम...

पेखूबेला सौर ऊर्जा संयंत्र के डंगे पर विवाद, किसानों ने जताई चिंता

ऊना, राकेश-:हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के पेखूबेला में बने सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ डंगे के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जहां एक तरफ संयंत्र को बारिश से बचाने के लिए दीवार खड़ी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ किसान अपनी जमीनों में पानी भरने की आशंका से चिंतित हैं।...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.