पटना | राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने सोमवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह खतरा न सिर्फ बाहर से, बल्कि पार्टी के अंदर ही मौजूद कुछ लोगों से है, जो उन्हें साजिश के तहत राजनीतिक रूप से कमजोर करना चाहते हैं।
पार्टी के अंदर से हो रही साजिश: तेज प्रताप
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने खुलकर कहा, “मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं। मेरी जान को खतरा है। मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। मैं अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटूंगा। जो लोग मेरी निजी जिंदगी को निशाना बनाकर मेरी छवि खराब कर रहे हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।”
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों में RJD के कुछ नेताओं पर राजनीतिक और व्यक्तिगत तौर पर दरकिनार करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर 4-5 लोग ऐसे हैं जो मिलकर उन्हें राजनीति से बाहर करना चाहते हैं।
“तेजस्वी आगे बढ़ें, यही मेरा आशीर्वाद”: परिवार के लिए समर्थन भी जताया
तेज प्रताप यादव का यह बयान उस वक्त आया जब उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर लगातार 13वीं बार नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और परिवार के सदस्य मौजूद थे, लेकिन तेज प्रताप कार्यक्रम से दूर रहे, जिससे पारिवारिक और राजनीतिक दूरी की चर्चा और तेज हो गई।
फिर भी तेज प्रताप ने अपने बयान में पिता और भाई को शुभकामनाएं देते हुए कहा: “मेरे पिता को मेरी ओर से शुभकामनाएं। उनकी लंबी उम्र हो। तेजस्वी यादव को मेरा आशीर्वाद है कि वे आगे बढ़ें और बिहार के मुख्यमंत्री बनें।”
सियासी हलचल तेज, पार्टी में अंतर्कलह के संकेत
तेज प्रताप यादव के इस बयान से न सिर्फ RJD में आंतरिक खींचतान की पुष्टि होती दिख रही है, बल्कि यह भी साफ हो रहा है कि राजनीतिक मंच पर उनकी भूमिका और भावनात्मक स्थिति दोनों में उथल-पुथल चल रही है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।