लुधियाना | लुधियाना वैस्ट उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा की जीत ने राज्यसभा को लेकर राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। अरोड़ा को पहले उद्योगपति कोटे से राज्यसभा भेजा गया था, लेकिन अब विधायक चुने जाने के बाद उनके राज्यसभा से इस्तीफे की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।
अरोड़ा के इस्तीफे के बाद कौन जाएगा राज्यसभा?
चुनाव से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि संजीव अरोड़ा को राज्यसभा से हटाकर अरविंद केजरीवाल को उच्च सदन में भेजा जा सकता है। यही मुद्दा कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन ने चुनाव प्रचार में जोर-शोर से उठाया था। लेकिन अब, जीत के बाद खुद केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि वे राज्यसभा नहीं जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली होने वाली सीट पर किसे भेजा जाएगा, यह निर्णय पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) द्वारा जल्द ही लिया जाएगा।
चुप्पी के बाद तेज़ हुई चर्चा
चुनाव प्रचार के दौरान आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की थी। लेकिन अब जब केजरीवाल ने राज्यसभा सीट पर खुद दावा छोड़ दिया, तो पार्टी के भीतर और बाहर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है कि आम आदमी पार्टी किसे उच्च सदन में भेजेगी।
लुधियाना के दो उद्योगपतियों के नाम चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक, अरोड़ा की जगह पर दो प्रमुख उद्योगपतियों के नाम एक बार फिर चर्चा में हैं। दोनों लुधियाना के ही निवासी हैं और संजीव अरोड़ा के करीबी माने जाते हैं। इसके अलावा, ये दोनों पहले सरकारी पदों पर भी सेवाएं दे चुके हैं।
संजीव अरोड़ा को भी पार्टी ने उद्योग जगत से प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से राज्यसभा में भेजा था, ऐसे में संभावना है कि इस बार भी पार्टी किसी कारोबारी चेहरे को वरीयता दे सकती है।
अगला नाम जल्द होगा तय
AAP सूत्रों के अनुसार, पार्टी आंतरिक रूप से कई नामों पर मंथन कर रही है और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पार्टी फिर से उद्यमी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को प्राथमिकता देती है या किसी सामाजिक कार्यकर्ता या राजनीतिक चेहरा मैदान में उतारा जाता है।