Summer Express, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ खुले, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित लंबे संघर्ष की आशंकाओं ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर कर दिया है।
शुक्रवार सुबह 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 75,444 के स्तर पर खुला, जबकि गुरुवार को यह 76,034 अंक पर बंद हुआ था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 876 अंक यानी 1.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,157.86 अंक पर कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी 307.20 अंक यानी 1.30 प्रतिशत गिरकर करीब 23,331.05 के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। मेटल, आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह का दबाव देखने को मिल रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित लंबे संघर्ष की आशंका के कारण निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 लगभग 1.13 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 हल्की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया।
अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव में रहे। गुरुवार रात के कारोबार में एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज क्रमशः 1.52 प्रतिशत और 1.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
इस बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी उतार-चढ़ाव जारी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। हालांकि बाद में इसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई और मई फ्यूचर्स अनुबंध करीब 0.47 प्रतिशत गिरकर 100.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत 101.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।