हमीरपुर,अरविन्द -:हमीरपुर सदर से विधायक आशीष शर्मा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए लगातार भ्रामक बयान दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग विकास कार्यों और जनहित के फैसलों की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन वर्तमान सरकार इन उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है।
आशीष शर्मा शनिवार को सुजानपुर पुलिस थाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने अवैध खनन से जुड़े मामले में चल रही जांच को लेकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह कानून और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब भी पुलिस या प्रशासन उन्हें बुलाएगा, वह जांच में सहयोग के लिए उपस्थित होंगे।विधायक ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि अदालत में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर निर्णय होगा और वह न्यायालय के हर आदेश का सम्मान करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान पर भी आशीष शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में कई विकास कार्य हुए और हर क्षेत्र में योजनाएं शुरू की गईं। उनके अनुसार, पिछली सरकार ने प्रदेश के विभिन्न वर्गों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए थे, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पिछली सरकार की उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक परिस्थितियों पर बोलते हुए आशीष शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से दो प्रमुख दलों—भाजपा और कांग्रेस—का ही प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर तीसरे मोर्चे की चर्चा जरूर होती है, लेकिन अब तक ऐसा कोई मोर्चा स्थायी रूप से मजबूत नहीं बन पाया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल या समूह को चुनाव लड़ने और अपनी बात जनता के सामने रखने का अधिकार है।
राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी उम्मीदवार के लिए अपनी आय, खर्च और चल-अचल संपत्ति की पूरी जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उम्मीदवार नियमों के अनुसार पूरी जानकारी नहीं देता है तो इससे विवाद की स्थिति बन सकती है। इसलिए चुनाव से जुड़े सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना सभी प्रत्याशियों की जिम्मेदारी है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे।