Summer express,पिहोवा | थाना सदर पिहोवा क्षेत्र में 44 वर्षीय मलकीत कौर ने अपने बेटे को ऑस्ट्रेलिया भेजने के प्रयास में धोखाधड़ी और धमकियों से परेशान होकर जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। महिला ने चंडीगढ़ की एक वीजा एजेंसी को अपने बेटे के वीजा के लिए 20 लाख रुपये दिए थे, लेकिन न तो वीजा मिला और न ही पैसे वापस किए गए। उल्टा, एजेंटों ने लगातार धमकियां देना शुरू कर दिया।
स्वजन के अनुसार, मलकीत कौर का इकलौता बेटा जश्नप्रीत सिंह विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। बेहतर भविष्य की उम्मीद में परिवार ने अपनी जमा पूंजी लगाकर उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने का निर्णय लिया। परिवार की बड़ी बेटी शगुनप्रीत कौर पहले से ही विदेश में थी, जिसके माध्यम से परिवार चंडीगढ़ की इस एजेंसी से संपर्क में आया।
पैसे लेने के बाद एजेंटों ने काम रोक दिया और परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। जब मलकीत कौर ने फोन पर पैसे और दस्तावेज वापस मांगने की कोशिश की, तो उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलीं। इस लगातार मानसिक और भावनात्मक दबाव से परेशान होकर महिला ने यह कदम उठाया।
इस घटना ने वीजा और एजेंसी धोखाधड़ी के मामलों में सुरक्षा और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि मृतका के परिवार को न्याय दिलाने और एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
यह दुखद मामला परिवार और समुदाय में गहरे शोक और चिंता का कारण बना है, और लोगों को जागरूक करता है कि इस तरह की धोखाधड़ी से सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है।