Summer Express, पंचकूला। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों के विकास के नाम पर पंचकूला जिला परिषद में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बिना किसी वास्तविक कार्य के फर्जी फर्मों के जरिए सरकारी धन निजी खातों में ट्रांसफर किया गया। सेक्टर-7 थाना पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया है।
जांच के दौरान सामने आया कि ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मिलकर फर्जी बिल तैयार किए और सरकारी राशि निकाल ली। जिन शौचालयों के निर्माण का दावा किया गया था, वे जमीनी स्तर पर कहीं मौजूद नहीं पाए गए। मुख्य आरोपी के अनुसार करीब 1 करोड़ 88 लाख रुपये फर्जी बिलों के जरिए निकाले गए, जबकि कुल गबन इससे अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। यह पूरा फर्जीवाड़ा सितंबर 2019 से दिसंबर 2025 तक लगातार चलता रहा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रुबानी एंटरप्राइजेज, न्यू दुर्गा फर्म और बजरंग बली फर्म जैसी कई फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी धन उनके खातों में ट्रांसफर किया गया। आरोपियों के मोबाइल से 100 से अधिक पन्नों की व्हाट्सएप चैट और कई दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहरों के जरिए भुगतान स्वीकृत कराने के सबूत मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गबन की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा आपस में बांटा गया। करीब 1 करोड़ रुपये विभिन्न आरोपियों और कुछ अधिकारियों के बीच वितरित किए गए। चार ब्लॉक समन्वयकों को 25-25 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि अन्य अधिकारियों को भी हिस्सा पहुंचाया गया। एक आरोपी ने अपने हिस्से के 5 लाख रुपये मोहाली में रिश्तेदार के घर छिपाने की बात भी कबूल की है।
बैंक लेन-देन की जांच में भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। करोड़ों रुपये उन फर्मों को ट्रांसफर किए गए जिनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं था। उदाहरण के तौर पर, रुबानी एंटरप्राइजेज के खाते में 20.14 लाख रुपये और एक निजी खाते में 5 लाख रुपये भेजे जाने के प्रमाण मिले हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए आरटीजीएस भुगतान मंजूर कराए, पुराने कार्यों के नाम पर नए बिल तैयार किए और बिना काम किए ही भुगतान निकाल लिया। इस मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर गगनदीप गोयल और स्वच्छ भारत मिशन इंचार्ज दिनेश कुमार समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।