Summer express /शिमला:अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के बीच कांग्रेस पार्टी के भीतर भी बयानों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा द्वारा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कूटनीति की सराहना किए जाने पर पार्टी के भीतर ही असहमति दिखी है। हरियाणा से राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय अनुसूचित विभाग के संयोजक केशवराम बौद्ध ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
शिमला में कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए बौद्ध ने कहा कि आनंद शर्मा का बयान उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण हो सकता है और इसका पार्टी की आधिकारिक लाइन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी।बौद्ध ने केंद्र सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक ओर विकास और स्थिरता की बात करती है, जबकि दूसरी ओर आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने गैस सिलेंडर जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए और आशंका जताई कि देश आर्थिक चुनौतियों की ओर बढ़ रहा है।भाजपा पर हमला बोलते हुए बौद्ध ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान को कमजोर किया जा रहा है। राज्यसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने संख्या बल न होने के बावजूद धनबल और विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए अपनी स्थिति मजबूत की है। उनके अनुसार कई सांसदों की जीत इसी राजनीति का परिणाम है।हिमाचल प्रदेश की राजनीति पर बोलते हुए बौद्ध ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि राज्य में समान विकास और अधिकारों को लेकर बेहतर कार्य हो रहा है।इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बाबू जगजीवन राम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।