Summer express,अंबाला | अंबाला में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और 152 के संगम पर देवीनगर फ्लाईओवर के पास दो लावारिस सीसीटीवी कैमरे मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इन कैमरों को संदिग्ध मानते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई सदर थाना में तैनात एएसआई रविश कुमार की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना) और धारा 61 (आपराधिक साजिश) के तहत की गई है।
पुलिस को ये कैमरे सड़क दुर्घटना की जांच के दौरान मिले थे। जांच के दौरान सामने आया कि कैमरे सोलर प्लेट और लकड़ी के सहारे लगाए गए थे और इनमें से एक कैमरे में वीआई कंपनी का सिम कार्ड भी मिला, जबकि दूसरा कैमरा बिना सिम के था।
अंबाला पुलिस का कहना है कि किसी भी विभाग द्वारा इन कैमरों की जिम्मेदारी नहीं ली गई, जिसके बाद उन्हें हटाकर कब्जे में ले लिया गया। फिलहाल पुलिस इनके डेटा और बैकअप की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनसे क्या रिकॉर्ड किया जा रहा था और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यह कैमरे किसी संगठित नेटवर्क या संदिग्ध तत्वों द्वारा लगाए गए हो सकते हैं, जिनका मकसद सैन्य गतिविधियों या हाईवे मूवमेंट की निगरानी करना हो सकता है।
गौरतलब है कि अंबाला क्षेत्र में सेना और वायुसेना की महत्वपूर्ण इकाइयां मौजूद हैं, जिनमें राफेल जैसे लड़ाकू विमान भी तैनात हैं। इसी कारण यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अंबाला और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध सोलर-पावर्ड कैमरे मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।