शिमला, संजू -कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी ओपीडी को स्थानांतरित करने के सरकारी फैसले के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) ने इसे महिला विरोधी निर्णय बताते हुए सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। बुधवार को समिति के नेतृत्व में महिलाओं ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और 24 घंटे का धरना देते हुए ‘रात्रि पड़ाव’ भी शुरू किया।
समिति की महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि गायनी और प्रसूति सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं, ऐसे में उन्हें अलग करना मरीजों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि 102 साल पुराने इस अस्पताल में ब्लड बैंक, इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और लैब जैसी सभी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं। ऐसे में ओपीडी को हटाने के बजाय मशीनों को अपग्रेड करना चाहिए था।उन्होंने सरकार पर महिलाओं पर बढ़े हुए यूजर चार्ज और अस्पताल में महंगी हुई सुविधाओं को थोपने का आरोप लगाया। चौहान ने कहा कि इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला और सरकार ने जल्दबाजी में फैसला लागू कर दिया, जिससे महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 24 घंटे के धरने के बाद 30 अप्रैल को IGMC में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। साथ ही, आदेश न बदले जाने की स्थिति में सचिवालय घेराव की भी चेतावनी दी गई है।महिलाओं की मांग है कि KNH में नए भवन का निर्माण किया जाए और सभी आधुनिक सुविधाएं यहीं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को इधर-उधर न भटकना पड़े।