Summer express, चंडीगढ़ | हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पुलिस के बीच विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। दुष्यंत चौटाला ने अपने काफिले को रोके जाने, हथियार दिखाकर धमकी देने और जान से मारने की आशंका जताते हुए एफआईआर दर्ज करने तथा मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है।
इस मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि हिसार में उनके काफिले को एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोका था। आरोप है कि सिविल ड्रेस में मौजूद इंस्पेक्टर पवन कुमार ने हथियार लहराते हुए उन्हें और उनके सुरक्षा कर्मियों को धमकाया।
दुष्यंत चौटाला ने दावा किया है कि वे वाई-प्लस सुरक्षा श्रेणी के तहत संरक्षित हैं, इसके बावजूद इस तरह की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स ने भी अलग-अलग शिकायतें देकर इस घटना में जान से मारने की धमकी का उल्लेख किया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय उनके परिजनों और समर्थकों पर कथित रूप से झूठे मामले दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की। साथ ही 7 अप्रैल की एक घटना को आधार बनाकर दर्ज एफआईआर को प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया गया है।
दुष्यंत चौटाला ने अदालत से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हरियाणा पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई या पड़ोसी राज्यों की पुलिस को सौंपी जाए। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज और सभी संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी अपील की गई है।
याचिका में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में निष्पक्ष जांच की संभावना नहीं है, इसलिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच ही एकमात्र विकल्प है।