Summer express, गुरुग्राम | हरियाणा में अवैध कॉलोनियों को लेकर अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछले करीब 10 वर्षों में प्रदेशभर में विकसित हुई 2600 से अधिक अवैध कॉलोनियों की जांच अब ACB के जिम्मे है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है।
हाईकोर्ट ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई, यहां तक कि बुलडोजर चलाने की अनुमति भी दी है। साथ ही नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की जांच के निर्देश दिए गए हैं। शुरुआती जांच में कई अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में सामने आई है, जिससे आने वाले समय में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मामले की व्यापकता को देखते हुए ACB ने अलग-अलग रेंज में विशेष जांच टीमें गठित की हैं, जिनकी अगुवाई एसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। ये टीमें नगर योजनाकार विभाग, नगर निगमों और परिषदों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड एकत्र कर रही हैं। जांच के दायरे में उन सभी अधिकारियों की भूमिका भी शामिल है, जो पिछले वर्षों में इन क्षेत्रों में तैनात रहे हैं।
हाईकोर्ट ने खास तौर पर गुरुग्राम में मानसून से पहले अवैध कब्जों और निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से ‘स्टिल्ट प्लस 4’ नीति के तहत बने अवैध ढांचों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी निर्माण को हटाने से पहले संबंधित पक्ष को विधिवत नोटिस देना अनिवार्य होगा।
ACB के महानिदेशक ए.एस. चावला ने बताया कि अदालत के निर्देशों के अनुरूप पूरे राज्य में जांच तेजी से चल रही है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच रिपोर्ट जल्द ही हाईकोर्ट को सौंप दी जाएगी।
कुल मिलाकर, अवैध कॉलोनियों के मामले में अब प्रशासनिक सख्ती बढ़ने के संकेत हैं और जांच पूरी होने के बाद कई अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों की जवाबदेही तय हो सकती है।