नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में शराब बिक्री को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मौजूदा आबकारी नीति को अब 31 मार्च 2026 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस निर्णय के तहत अगले नौ महीनों तक केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा संचालित शराब की दुकानें ही संचालित होंगी।
नई नीति पर काम जारी, पुरानी व्यवस्था बरकरार
दिल्ली सरकार नई आबकारी नीति तैयार करने की प्रक्रिया में है, जिसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई है। लेकिन चूंकि इस प्रक्रिया में अभी समय लगेगा, ऐसे में 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक के लिए वर्तमान आबकारी शुल्क आधारित मॉडल को ही लागू रखा जाएगा। यह वही मॉडल है जो वर्ष 2022-23 से चल रहा है।
लाइसेंस नवीनीकरण में क्या रहेगा बदलाव?
लाइसेंसधारकों के लिए नवीनीकरण की प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी।
- अगर कोई आवेदक 30 दिनों के भीतर लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन करता है, तो कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
- 30 से 60 दिन की देरी पर 25% अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।
- 60 दिन से ज्यादा की देरी पर 100% अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
फिलहाल कौन चला रहा है शराब की दुकानें?
इस समय दिल्ली में कुल 792 शराब की दुकानों का संचालन चार सरकारी एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है:
- दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं ढांचागत विकास निगम (DSIIDC)
- दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर (DCCWS)
- दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC)
- दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (DSCSC)
इन्हीं एजेंसियों को आगामी अवधि में भी शराब की बिक्री जारी रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि नई आबकारी नीति तैयार करने में अभी कुछ समय लगेगा। ऐसे में शराब की आपूर्ति, बिक्री और नियंत्रण में व्यवधान न हो, इस उद्देश्य से फिलहाल मौजूदा व्यवस्था को ही आगे बढ़ाया गया है। इससे नीति में पारदर्शिता और प्रशासनिक सुचारुता बनी रहेगी।