Summer express, हिसार | दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर नया इतिहास रचने के इरादे से हरियाणा के हिसार जिले के गांव मलापुर निवासी पर्वतारोही रोहताश खिलेरी अपने विशेष अभियान पर रवाना हो गए हैं। उनका लक्ष्य एवरेस्ट के ‘डेथ जोन’ में 24 घंटे बिताकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना है।
घर से रवाना होते समय रोहताश ने अपनी मां के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि वह अपने जीवन के सबसे बड़े अभियान पर निकल चुके हैं और एवरेस्ट की चोटी पर 24 घंटे रहकर तिरंगा फहराने का सपना साकार करना चाहते हैं।
रोहताश इससे पहले 16 मई 2018 को माउंट एवरेस्ट फतह कर चुके हैं। उसी दौरान उन्होंने चोटी पर 24 घंटे रुकने का लक्ष्य तय किया था। अब वह इस चुनौती को पूरा करने के लिए दोबारा अभियान पर निकले हैं।
इससे पहले जनवरी 2026 में रोहताश ने माउंट एल्ब्रस पर 24 घंटे रुककर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। 5,642 मीटर ऊंची इस चोटी पर उन्होंने माइनस 43 डिग्री तापमान और तेज हवाओं के बीच यह उपलब्धि हासिल की थी। इस उपलब्धि के साथ वह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बने थे। उन्होंने वहां गुरु जंभेश्वर भगवान की तस्वीर रखकर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया था।
रोहताश के अनुसार, एवरेस्ट पर 24 घंटे रुकना बेहद जोखिम भरा है, क्योंकि यहां तापमान माइनस 60 से 70 डिग्री तक गिर जाता है और ऑक्सीजन का स्तर भी बेहद कम होता है। फिलहाल एवरेस्ट पर सबसे ज्यादा समय (करीब 21 घंटे) रुकने का रिकॉर्ड नेपाल के पर्वतारोही Babu Chiri Sherpa के नाम दर्ज है, जो उन्होंने वर्ष 1999 में बनाया था।
यदि रोहताश अपने लक्ष्य में सफल होते हैं, तो वह एवरेस्ट पर 24 घंटे बिताने वाले दुनिया के पहले पर्वतारोही बन जाएंगे।
रोहताश खिलेरी इससे पहले भी कई ऊंची चोटियों पर फतह हासिल कर चुके हैं, जिनमें माउंट किलिमंजारो, माउंट एलब्रुस (समर और विंटर दोनों सीजन) सहित कई अंतरराष्ट्रीय पर्वत शामिल हैं। उनकी इस नई कोशिश को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और लोग उनके सुरक्षित व सफल अभियान की कामना कर रहे हैं।