शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश के बागवानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समक्ष गंभीर चिंताएं रखी हैं। कांगड़ा में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय संगठन सृजन अभियान के दौरान हुई कार्यशाला में यह विषय खास तौर पर सामने आया।
राठौर ने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने की योजना बनाई जा रही है। उनका मानना है कि यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा असर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के बागवानों पर पड़ेगा। सस्ते आयातित सेब भारतीय बाजार में आने से स्थानीय उत्पादकों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी आय और आजीविका प्रभावित हो सकती है।उन्होंने जानकारी दी कि 30 अप्रैल को राहुल गांधी के साथ करीब चार घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें इन सभी मुद्दों को विस्तार से रखा गया। राठौर ने कहा कि इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना बेहद जरूरी है, ताकि केंद्र सरकार तक बागवानों की आवाज पहुंच सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के सांसदों ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे बागवानों में निराशा का माहौल है।
इसके अलावा, राठौर ने हाल ही में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगभग एक हजार रुपये तक हुई वृद्धि पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे होटल और ढाबा संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा, क्योंकि खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि आने वाले समय में घरेलू रसोई गैस के दाम भी बढ़ सकते हैं।वहीं, हाल ही में हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को हुए नुकसान पर भी उन्होंने चिंता जाहिर की। राठौर ने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और बागवानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रभावित किसानों और बागवानों के ऋण की अदायगी पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।