बीजिंग | चीन ने करीब दो साल पहले लगाए गए जापानी सीफूड आयात प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटा लिया है। यह प्रतिबंध फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से शोधित रेडियोधर्मी जल समुद्र में छोड़े जाने के विरोध में अगस्त 2023 में लगाया गया था। रविवार को चीन की सीमा शुल्क एजेंसी ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर यह घोषणा की कि जापान के अधिकांश क्षेत्रों से अब फिर से सीफूड का आयात शुरू किया जाएगा।
हालांकि, यह छूट जापान के सभी 47 में से केवल 37 प्रांतों के लिए है। फुकुशिमा सहित 10 प्रांतों से अब भी सीफूड आयात पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
चीन था जापानी सीफूड का सबसे बड़ा बाजार
जापान अपने समुद्री उत्पादों का 20% से ज्यादा हिस्सा चीन को निर्यात करता रहा है। 2023 में लगे इस प्रतिबंध ने जापान के मत्स्य उद्योग को भारी झटका दिया था। चीन की आपत्ति थी कि समुद्र में रेडियोधर्मी जल छोड़ने से तटीय इलाकों और समुद्री जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
क्यों छोड़ा गया था अपशिष्ट जल?
फुकुशिमा स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र 2011 की सुनामी में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्षों की तकनीकी समीक्षा और वैज्ञानिक बहस के बाद जापान सरकार ने संयंत्र से शोधित रेडियोधर्मी जल को धीरे-धीरे समुद्र में छोड़ने की मंजूरी दी थी। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में ज्यादातर हानिकारक तत्वों को पहले ही फिल्टर किया गया था।
चीन की आपत्ति और अब रुख में बदलाव
जापान के इस फैसले को लेकर चीन ने 2023 में तीव्र विरोध जताया था और पर्यावरणीय सुरक्षा का हवाला देते हुए जापानी सीफूड के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। अब लगभग दो साल बाद, चीन ने अपने रुख में नरमी दिखाते हुए कुछ क्षेत्रों के लिए आयात फिर से शुरू करने का फैसला लिया है।