प्रयागराज/मुजफ्फरनगर: प्रयागराज में रविवार को हुए बवाल पर नगीना से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर उनके कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हुआ, तो आंदोलन कौशांबी और प्रयागराज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा के घेराव तक जाएगा।
चंद्रशेखर ने साफ कहा, “हम अपने हर कार्यकर्ता के साथ खड़े हैं। अगर उन पर अत्याचार किया गया तो बहुजन समाज चुप नहीं बैठेगा।”
“अंबेडकर के अनुयायी हिंसा में विश्वास नहीं रखते”
सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंचे चंद्रशेखर ने संत समनदास जी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भीमराव अंबेडकर के अनुयायी हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं और हिंसा से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर कमजोर तबकों पर हिंसा का झूठा आरोप लगाया जाता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
सीबीआई जांच की मांग, वायरल वीडियो का जिक्र
चंद्रशेखर ने घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि कई वायरल वीडियो में कुछ स्थानीय लोग पुलिस के साथ मिलकर पथराव करते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, चाहे वह कोई भी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
जब एक पत्रकार ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई को लेकर सवाल किया, तो चंद्रशेखर ने नाराजगी जताई और कहा, “अगर मुख्यमंत्री ने मेरा नाम लेकर कुछ नहीं कहा, तो इस तरह के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि वे इस तरह के दावों पर कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं।
प्रयागराज में हिंसा के बाद पुलिस एक्शन तेज
गौरतलब है कि रविवार को प्रयागराज के इसौटा गांव (करछना क्षेत्र) में चंद्रशेखर आजाद के दौरे को पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रोक दिया था। इसके विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, पुलिस वाहनों पर पथराव किया और कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है और सैकड़ों अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।