Summer express, नई दिल्ली | पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 200 से अधिक सीटें हासिल कर निर्णायक बढ़त बनाई है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस इस बार काफी पीछे रह गई।
तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। पारंपरिक रूप से मजबूत रही द्रविड़ पार्टियां डीएमके और एआईएडीएमके इस बार पीछे रह गईं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी सीट भी नहीं बचा सके।
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन तय माना जा रहा है। लंबे समय से प्रभावी वामपंथी गठबंधन एलडीएफ इस बार कमजोर पड़ा है, हालांकि पी. विजयन अपनी सीट बचाने में सफल रहे।
वहीं असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर अपनी स्थिति मजबूत की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में पार्टी ने बहुमत हासिल किया। पुडुचेरी में भी एनडीए ने सत्ता बरकरार रखी है।
इन चुनाव परिणामों ने एक ओर भाजपा के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को दर्शाया है, वहीं क्षेत्रीय दलों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कांग्रेस को केरल में बढ़त के रूप में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर समीकरणों में बड़ा बदलाव साफ नजर आ रहा है।