Summer express, बरनाला I पंजाब की राजनीति में विरोध-प्रदर्शन आम बात है, लेकिन जब एक मौजूदा विधायक सड़क पर उतरकर भूख हड़ताल शुरू कर दे, तो मामला गंभीर संकेत देता है। बरनाला में बुधवार को ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब हलका बरनाला से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों अपने समर्थकों के साथ जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
विधायक की मुख्य मांग है कि बरनाला पुलिस द्वारा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज मामला तुरंत वापस लिया जाए। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष के तहत की गई है।
क्या है विवाद की जड़?
पूरा मामला 14 मार्च 2026 का है, जब जिला कांग्रेस कमेटी ने कचहरी चौक पर धरना दिया था। यह प्रदर्शन महिलाओं को मिलने वाली 48,000 रुपये की बकाया राशि को लेकर किया गया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पात्र महिलाओं को उनका हक नहीं मिल रहा। इसी दौरान थाना सिटी-2 पुलिस ने कई नेताओं पर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
अल्टीमेटम के बाद भूख हड़ताल
विधायक काला ढिल्लों ने पहले पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी थी कि केस वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। कार्रवाई न होने पर उन्होंने अपने ऐलान के मुताबिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके साथ कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी धरने पर डटे हुए हैं।
महिलाओं की बकाया राशि बना बड़ा मुद्दा
इस पूरे विवाद की मूल वजह महिलाओं को मिलने वाली 48,000 रुपये की राशि है, जो अभी तक वितरित नहीं की गई। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज कर रही है।
बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता
भूख हड़ताल स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। स्थानीय और क्षेत्रीय नेता भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे, जिससे माहौल और अधिक राजनीतिक हो गया।
सियासी संकेत क्या हैं?
यह आंदोलन सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस विपक्ष के तौर पर अपनी आक्रामक रणनीति दिखा रही है। वहीं, सत्ताधारी दल के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। विधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मामला रद्द नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।