सोलन, भूपेंद्र -:सोलन में एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि ईमानदारी आज भी जिंदा है। जहां आमतौर पर महंगे सामान के खो जाने के बाद उसके वापस मिलने की उम्मीद कम ही होती है, वहीं इस मामले में ऑटो रिक्शा यूनियन और पुलिस की सतर्कता और निष्ठा ने एक मिसाल कायम की है। करीब एक सप्ताह पहले एक महिला का iPhone 15 ऑटो में छूट गया था, जिसे सुरक्षित ढूंढकर उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार, ऑटो रिक्शा यूनियन के महासचिव राजेन्द्र कुमार को अपने ऑटो में एक महंगा मोबाइल फोन मिला। उन्होंने बिना समय गंवाए और बिना किसी स्वार्थ के उस फोन को यूनियन कार्यालय में जमा करवा दिया। वहां यूनियन के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पुलिस से संपर्क किया, ताकि मोबाइल के असली मालिक का पता लगाया जा सके।इस पूरे मामले में यातायात पुलिस के कॉन्स्टेबल पंकज ठाकुर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्हें जब इस बारे में जानकारी दी गई, तो उन्होंने मोबाइल के तकनीकी पहलुओं का इस्तेमाल करते हुए मालिक तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए। उन्होंने फोन में उपलब्ध संपर्कों और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।जांच के दौरान यह सामने आया कि मोबाइल एक ऐसी महिला का है, जो ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं और हाल ही में भारत यात्रा के बाद वापस लौट चुकी हैं। इसके बाद पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए महिला से वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क स्थापित किया। पहचान की पुष्टि होने के बाद मोबाइल उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल एक खोया हुआ मोबाइल वापस दिलाया, बल्कि लोगों के बीच ईमानदारी और विश्वास की भावना को भी मजबूत किया है। स्थानीय नागरिकों ने ऑटो यूनियन के सदस्यों और पुलिस प्रशासन की सराहना की है।यूनियन के पदाधिकारियों ने भी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना समाज में सकारात्मक संदेश देती है। यह केवल एक वस्तु लौटाने की बात नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, सहयोग और नैतिकता का उदाहरण है।