जालंधर | पंजाब विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कड़े कानून की मांग जोर पकड़ने लगी है। नॉर्थ हलके से कांग्रेस विधायक बावा हैनरी ने ‘पापुलेशन कंट्रोल बिल 2025’ का मसौदा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा के समक्ष प्रस्तुत करते हुए जनसंख्या नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
बिल में यह प्रमुख प्रस्ताव शामिल हैं:
- दो से अधिक बच्चों वाले माता-पिता पर 10 लाख रुपये जुर्माना
- वोट देने, चुनाव लड़ने और सरकारी नौकरी के अधिकार से वंचित करने का प्रावधान
- दो बच्चों तक सीमित बीपीएल परिवारों को नगद प्रोत्साहन, सामान्य परिवारों को सब्सिडी, टैक्स छूट और आसान ऋण देने की सिफारिश
अत्यधिक जनसंख्या से विकास पर संकट:
बावा हैनरी ने कहा कि भारत का क्षेत्रफल विश्व का केवल 2.3% है, लेकिन यहां वैश्विक आबादी का 17% निवास करता है। यह असंतुलन देश की विकास गति को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या विस्फोट से स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था जैसे बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव पड़ता है। इसके अलावा, पर्यावरण पर भी इसका गंभीर प्रभाव देखने को मिल रहा है – जल, वायु और भूमि सभी प्रदूषित हो रहे हैं।
पंजाब में शिक्षा-स्वास्थ्य की गिरती स्थिति पर चिंता:
विधायक ने कहा कि पंजाब में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में गिरावट चिंता का विषय बन चुकी है। सुविधाओं के अभाव में युवा विदेश की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे राज्य के भविष्य पर संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हम अगली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और सुरक्षित पर्यावरण नहीं दे सके, तो बुनियादी विकास योजनाओं का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा।
जनसंख्या नियंत्रण: एक सामाजिक आंदोलन की ज़रूरत
बावा हैनरी ने इस मुद्दे को राजनीतिक दायरे से बाहर निकालकर एक सामाजिक आंदोलन के रूप में लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह समय है जब समाज के सभी वर्ग परिवार नियोजन को एक ज़िम्मेदारी के तौर पर लें और आने वाले भविष्य को सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें।
“विकास का असली मतलब केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी लाभ देने वाली नीतियां हैं।” – बावा हैनरी
उन्होंने कहा कि यदि आज हम दो बच्चों की नीति को लागू नहीं करते, तो आने वाले वर्षों में संसाधनों और सेवाओं का पूरी तरह से ढह जाना तय है। यह केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।