Summer express, नई दिल्ली। भारतीय सेना की टेंडर प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वी कमान के फोर्ट विलियम, कोलकाता में तैनात सेना आयुध कोर के कर्नल हिमांशु बाली को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, कर्नल हिमांशु बाली पर करीब 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। जांच एजेंसी की एफआईआर में दावा किया गया है कि उन्होंने कानपुर की एक निजी कंपनी को सेना के टेंडरों में अनुचित फायदा पहुंचाया और इसके बदले कथित तौर पर मोटी रिश्वत स्वीकार की।
सेना के टेंडरों में गड़बड़ी का आरोप
सीबीआई के अनुसार, मामला भारतीय सेना की विभिन्न खरीद और टेंडर प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि कर्नल बाली ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया।
जांच एजेंसी ने मामले में सबूत जुटाने के बाद छापेमारी की और फिर कर्नल बाली को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि इस कथित घोटाले में अन्य अधिकारी या निजी कंपनियां भी शामिल थीं या नहीं।
सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश
इस कार्रवाई को भारतीय सेना की टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर सख्ती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। रक्षा प्रतिष्ठानों में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील होती है, ऐसे में किसी कर्नल रैंक के अधिकारी की गिरफ्तारी को गंभीर मामला माना जा रहा है।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
सीबीआई ने कर्नल हिमांशु बाली से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आगे की जांच और पूछताछ में सेना के टेंडरों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं।