Summer express/हमीरपुर,अरविंद -: हमीरपुर में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। तेल कंपनियों द्वारा एक बार फिर ईंधन के दामों में वृद्धि किए जाने के बाद लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ता दिखाई दे रहा है। शनिवार, 23 मई से नई दरें लागू होने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। पेट्रोल पंप संचालकों को देर रात नई कीमतों की जानकारी दे दी गई थी, जिसके बाद सुबह से उपभोक्ताओं को बढ़े हुए दामों पर पेट्रोल और डीजल खरीदना पड़ा।
इस ताजा बढ़ोतरी में पेट्रोल की कीमत में करीब 91 पैसे प्रति लीटर और डीजल में लगभग 86 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।इससे पहले भी मई महीने में दो बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। लगातार हो रही बढ़ोतरी से वाहन चालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।लोगों का कहना है कि सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि परिवहन महंगा होने से खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने लगा है।स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि महंगाई का असर अब बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। शहर के एक दुकानदार राजेश कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ग्राहकों की संख्या में कमी महसूस की जा रही है। उनका कहना है कि लोग अब जरूरत पड़ने पर ही बाजार आ रहे हैं क्योंकि आने-जाने में खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों की आमदनी पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उनके अनुसार बड़े लोगों के लिए यह बढ़ोतरी शायद ज्यादा मायने न रखती हो, लेकिन मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए हर रोज का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।राजेश ने यह भी कहा कि जब ईंधन महंगा होता है तो उसका असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सामान की सप्लाई लागत बढ़ जाती है, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों को उठाना पड़ता है। ऐसे में छोटे दुकानदारों की बिक्री भी प्रभावित होती है और बाजार की रौनक कम होने लगती है।
वहीं युवाओं में भी बढ़ती कीमतों को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय युवक अशोक ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ने से नौकरीपेशा और सामान्य परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास ज्यादा साधन हैं, वे विकल्प तलाश सकते हैं, लेकिन जो लोग रोजमर्रा के कामों के लिए बाइक पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति काफी कठिन होती जा रही है। अशोक का कहना है कि आज के दौर में वाहन जरूरत बन चुका है और ईंधन की बढ़ती कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ रही हैं।इसी तरह युवक अमन ने भी सरकार से ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग की। उन्होंने बताया कि वह एक छोटी नौकरी करते हैं और रोज बाइक से काम पर जाते हैं। पेट्रोल महंगा होने से उनका मासिक खर्च बढ़ गया है और बचत करना मुश्किल हो रहा है। अमन ने कहा कि अगर यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में आम परिवारों के लिए खर्च संभालना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।