Summer express, राकेश कुमार शर्मा,करनाल। करनाल शहर इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों पर सुबह से देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें, बाजार जाने वाले लोग और यहां तक कि एंबुलेंस तक जाम में फंस रही हैं। लगातार बढ़ते वाहनों का दबाव, अधूरे फ्लाईओवर प्रोजेक्ट, अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग ने शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
बस स्टैंड, पुराना जीटी रोड, रेलवे रोड, सेक्टर क्षेत्र, कर्ण गेट, अस्पताल चौक, घंटाघर चौक और कमेटी चौक जैसे इलाके दिनभर ट्रैफिक दबाव से कराहते नजर आते हैं। कुंजपुरा रोड और रेलवे रोड पर हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं, जहां सड़कों के किनारे खड़े वाहनों और अतिक्रमण के कारण कई बार दो गाड़ियों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
शहर में जाम अब केवल असुविधा नहीं बल्कि लोगों की दिनचर्या पर बड़ा असर डालने वाली समस्या बन चुका है। कई किलोमीटर लंबे जाम में लोग घंटों फंसे रहते हैं। स्कूल बसें समय पर नहीं पहुंच पा रहीं, नौकरीपेशा लोगों को कार्यालय पहुंचने में परेशानी हो रही है और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से सिंगल पिलर फ्लाईओवर परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि परियोजनाएं पूरी होने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। हालांकि फिलहाल यही निर्माण कार्य लोगों की मुश्किलों की सबसे बड़ी वजह बने हुए हैं।
फ्लाईओवर निर्माण के चलते कई मार्ग बंद या डायवर्ट कर दिए गए हैं, जिससे पूरा ट्रैफिक मुख्य सड़कों पर आ गया है। जगह-जगह धूल, मिट्टी और टूटी सड़कों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घंटाघर चौक के दुकानदारों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से चल रहे निर्माण कार्य ने उनके कारोबार पर बुरा असर डाला है। दुकानदार मदनलाल ने बताया कि धूल और मिट्टी के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है और व्यापार प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण हटाया जाता तो शायद फ्लाईओवर बनाने की जरूरत नहीं पड़ती।
स्थानीय निवासी कल्पना ने कहा कि शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल खराब रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों ने सरकार से फ्लाईओवर निर्माण कार्य में तेजी लाने और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आम नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक समस्या के लिए केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि लोग भी जिम्मेदार हैं। कई वाहन चालक गलत दिशा से वाहन निकालकर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति पैदा कर देते हैं। नागरिकों ने पार्किंग व्यवस्था सुधारने और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाने की मांग उठाई है।
अस्पताल चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी नर्सिंग ने बताया कि सुबह 9 बजे से रात तक लगातार भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। विशेषकर स्कूलों की छुट्टी के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण के कारण कई मार्गों का ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है, जिससे मुख्य सड़कों पर दबाव बढ़ गया है।
ट्रैफिक प्रभारी रोशनलाल ने बताया कि रेलवे रोड और बस स्टैंड रोड पर निर्माण कार्य के चलते ट्रैफिक को अस्पताल चौक, अग्रसेन चौक और माल रोड की ओर मोड़ा गया है। पुलिस और नगर निगम की टीमें समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही हैं और मुख्य चौक-चौराहों पर कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल करनाल में विकास कार्य और ट्रैफिक अव्यवस्था दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। एक ओर भविष्य में बेहतर यातायात व्यवस्था की उम्मीद दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर लोग रोजाना जाम, धूल और अव्यवस्था से जूझने को मजबूर हैं।