Summer express, नई दिल्ली। पूर्वी कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक 900 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 119 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति को गंभीर मानते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
कांगो के संचार मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि देश में अब तक करीब 904 संदिग्ध इबोला मरीजों की पहचान की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संसाधनों की कमी और अस्थिर हालात के कारण संक्रमण पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
इसी बीच भारत सरकार ने भी एहतियात बरतते हुए इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय (DGHS) ने विशेष रूप से कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कहा है कि यदि किसी यात्री में संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो वह इमिग्रेशन प्रक्रिया से पहले स्वास्थ्य अधिकारियों को तुरंत सूचित करे।
पूर्वी कांगो में हालात तब और तनावपूर्ण हो गए, जब गुस्साए युवकों ने एक अस्पताल पर हमला कर दिया, जहां इबोला संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा था। मोनबगवालू जनरल अस्पताल में हुई इस घटना के दौरान गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। चिकित्साकर्मी मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए। अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. रिचर्ड लोकुडु के मुताबिक हमलावर अपने दो परिजनों के शव सौंपने की मांग कर रहे थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला से संक्रमित शव भी बेहद संक्रामक होते हैं। अंतिम संस्कार और सामूहिक प्रार्थना सभाओं के दौरान संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसी को देखते हुए कांगो सरकार ने पूर्वोत्तर इलाकों में अंतिम संस्कार और धार्मिक सभाओं में 50 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इबोला से संदिग्ध मौतों के मामलों में अंतिम संस्कार सरकारी निगरानी में कराया जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इबोला वायरस के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। गंभीर मामलों में आंखें लाल होना और आंतरिक रक्तस्राव जैसी स्थितियां भी देखने को मिल सकती हैं।