Summer express, लंदन। पश्चिमी यूरोप इस समय भीषण गर्मी और खतरनाक हीटवेव की चपेट में है। उत्तर अफ्रीका से उठी गर्म हवाओं के कारण बने ‘हीट डोम’ ने कई यूरोपीय देशों में तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अब तक कम से कम सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई देशों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
ब्रिटेन और फ्रांस में मई महीने की गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक है और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत माना जा रहा है।
लंदन में रिकॉर्ड गर्मी, रात में भी नहीं मिली राहत
यूनाइटेड किंगडम में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दक्षिण-पश्चिम लंदन के क्यू गार्डन्स में सोमवार को तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मई महीने के पुराने रिकॉर्ड से करीब दो डिग्री अधिक है। आमतौर पर मई में लंदन का तापमान 17 से 18 डिग्री के बीच रहता है, लेकिन इस बार हालात जून-जुलाई जैसी तपिश वाले हो गए हैं।
स्थिति इतनी गंभीर रही कि मंगलवार रात को ‘ट्रॉपिकल नाइट’ घोषित किया गया, क्योंकि रात में भी तापमान काफी ऊंचा बना रहा। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ब्रिटेन का मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर इतनी चरम गर्मी का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।
फ्रांस में रेड और ऑरेंज अलर्ट, कई मौतों से बढ़ी चिंता
फ्रांस में भी भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। देश की मौसम एजेंसी ‘मेटियो-फ्रांस’ ने कई इलाकों में ऑरेंज हीटवेव अलर्ट जारी किया है। सोमवार को फ्रांस ने अपने इतिहास का सबसे गर्म मई दिवस दर्ज किया।
पेरिस में 10 किलोमीटर की दौड़ के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि ल्योन शहर में फिटनेस रन के बाद एक महिला की हीट स्ट्रोक से जान चली गई। फ्रांस के जूनियर ऊर्जा मंत्री मॉड ब्रेगियन के मुताबिक, गर्मी से जुड़ी घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हुई है। इनमें पांच लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नदी या समुद्र में नहाने गए थे और डूबने से उनकी जान चली गई।
जर्मनी, स्पेन और इटली भी गर्मी की चपेट में
यूरोप के अन्य देशों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
- स्पेन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
- जर्मनी में पहली बार इस सीजन में पारा 30 डिग्री के पार चला गया है।
- इटली में प्रशासन ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए धूप में बाहरी कामकाज पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए हैं।
जलवायु परिवर्तन को माना जा रहा बड़ा कारण
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानी गतिविधियों के कारण बढ़ रहा ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन यूरोप को तेजी से गर्म कर रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अब हीटवेव पहले की तुलना में ज्यादा बार, ज्यादा लंबी अवधि तक और अधिक खतरनाक रूप में सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरणीय क्षति पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में ऐसी चरम मौसम घटनाएं और अधिक गंभीर हो सकती हैं।