Summer express, करनाल | करनाल के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक व्यापारी नेपुलिसकर्मियों पर पद के दुरुपयोग, अवैध हिरासत और दुकान काकब्जा छोड़ने के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।मामले को लेकर व्यापारी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखितशिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों केखिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शहर निवासी और सिंगला स्टोर्स के संचालक सचिन गुप्ता ने अपनीशिकायत में बताया कि सिविल लाइन थाने में तैनात एक एएसआईदो पुलिसकर्मियों के साथ उनकी दुकान पर पहुंची। आरोप है किपुलिस उन्हें जबरन सरकारी वाहन में बैठाकर थाने ले गई, जहां कईघंटों तक बैठाकर रखा गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार थाने में उनके ऊपर लगातार दुकान नंबर-23 का कब्जा छोड़ने और उसकी चाबियां दूसरी पार्टी को सौंपने कादबाव बनाया गया। सचिन गुप्ता का दावा है कि उन्हें करीब तीन घंटेतक थाने में रोका गया और इस दौरान विभिन्न प्रकार की चेतावनियांदेकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।
मामले में दुकान की साझेदारी को लेकर भी विवाद बताया जा रहा है।शिकायत के अनुसार दुकान में सविता गर्ग, श्रवण गर्ग और प्रतीक गर्गबराबर के हिस्सेदार हैं, जबकि पिछले लगभग 18 महीनों से दुकानका कब्जा सचिन गुप्ता के पास है। व्यापारी का आरोप है कि पुलिसने दूसरी पार्टी के पक्ष में हस्तक्षेप करते हुए कब्जा बदलवाने काप्रयास किया।
सचिन गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने दुकान कीचाबियां देने से इनकार किया तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने औरधारा 107/151 के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी गई। उनकाकहना है कि मामला पूरी तरह सिविल प्रकृति का है, जिसकासमाधान अदालत या मीडिएशन सेंटर के माध्यम से होना चाहिए।
घटना की सूचना मिलने पर बाजार के कई व्यापारी थाने पहुंचे औरसचिन गुप्ता को रिहा करने की मांग की। उनके अधिवक्ता ने भीपुलिस को बताया कि विवाद का निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहतहोना चाहिए। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस नेउनकी बात को नजरअंदाज किया।
व्यापारी ने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहाकि इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है औरपरिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उन्होंने एसपी से मामले कीनिष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तथा परिवारकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।