नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को त्रिनिदाद एवं टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया। उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि आतंकवाद को पनाह देने या उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाना जरूरी है।
अपने पहले आधिकारिक त्रिनिदाद दौरे के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “यह वही रेड हाउस है जिसने कभी आतंकवाद का दर्द झेला है, यहां निर्दोष लोगों का खून बहा है। भारत इस लड़ाई में त्रिनिदाद के लोगों और सरकार के साथ खड़ा है।”
ग्लोबल साउथ को मिले न्यायपूर्ण स्थान: मोदी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील और पिछड़े देशों की आवाज को वैश्विक मंचों पर उचित प्रतिनिधित्व देने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि ये देश अब नई और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
“समय आ गया है कि हम मिलकर ग्लोबल साउथ को उसका हक दिलाएं,” उन्होंने कहा। पीएम ने बताया कि भारत इस दिशा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकी समाधान विकसित कर रहा है, जिससे कैरेबियाई देशों सहित कई विकासशील देशों को लाभ मिलेगा।
जलवायु, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सुरक्षा पर भी बोले पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा दौर में पूरी दुनिया तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है। भू-राजनीतिक खींचतान, आर्थिक असमानताएं, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा संकट और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां सभी को मिलकर सुलझानी होंगी।
“मुक्त व्यापार दबाव में है, वैश्विक संस्थाएं संघर्ष कर रही हैं और टकराव बढ़ रहा है। ऐसे समय में मिलकर काम करना ही विकल्प है।”
दोनों देशों के रिश्तों पर भावुक हुए मोदी
अपने संबोधन में मोदी उस क्षण को भी भावुकता से याद किया जब उन्होंने त्रिनिदाद की संसद में “भारत की जनता की ओर से त्रिनिदाद एवं टोबैगो की जनता के लिए” लिखा देखा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक कुर्सी नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती और साझा विरासत का प्रतीक है।”
गौरतलब है कि भारत ने 1968 में त्रिनिदाद एवं टोबैगो की संसद को यह अलंकृत अध्यक्षीय कुर्सी उपहार स्वरूप दी थी। इस दौरे से 1999 के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री त्रिनिदाद की द्विपक्षीय यात्रा पर गया है।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन को दोनों देशों के संबंधों में एक नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद और ‘ग्लोबल साउथ’ की पैरवी को भी मजबूती मिली है।